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- तिरंगे की आन-बान-शान, भारत माता के जयकारों से गूंजा पूरा हरिद्वार
- बैंड की मधुर धुनों के साथ मंच से गुजरे जवान, ड्रिल में दिखाया अपना कौशल
- मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने ली परेड की सलामी
- बेहतरीन मार्च पास्ट के मुरीद हुए मुख्य अतिथि, ₹1 लाख की सम्मान राशि से नवाजा
- गणतंत्र दिवस परेड में शामिल भव्य झांकियां बनी आकर्षण का केन्द्र
- बच्चों की प्रस्तुति ने भरी देशभक्ति की हुंकार, पुलिस लाइन में उमड़ा जनसैलाब
- विभिन्न विभागों उत्कृष्ट कार्य करने वाले 84 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित
हरिद्वार : आज 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज पुलिस लाइन रोशनाबाद हरिद्वार स्थित परेड़ ग्राउंड में शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा पुष्पगुच्छ देकर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, सांस्कृतिक व सिंचाई मंत्री (प्रभारी मंत्री जनपद हरिद्वार) सतपाल महाराज का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने एवं राष्ट्रीय गान के पश्चात परेड़ कमांडर CO अभिनव चौधरी द्वारा सलामी दी गई व मुख्य अतिथि द्वारा सम्पूर्ण परेड का निरीक्षण करते हुए जवानों का होसला बढाया गया।
निरीक्षण के पश्चात सेरेमोनियल ड्रेस से सुसज्जित नागरिक पुलिस, सशस्त्र पुलिस, पीएसी, यातायात पुलिस, होमगार्ड्स व पीआरडी के जवानों एंव पुलिस की विभिन्न यूनिटों द्वारा टोलीवार मंच के सामने से गुजरते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी गयी तथा सीपीयू, चेतक, इन्टरसेप्टर, एफएसल, डॉग स्क्वायड, संचार शाखा, क्यूआरटी, फायर सर्विस, जल पुलिस, वज्र वाहन, महिला सशक्तिकरण एवं महिला विकास, अक्षय उर्जा विकास प्राधिकरण, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, पर्यटन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं खेल विभाग हरिद्वार की झांकियों द्वारा इस अवसर पर आमजन को जागरुक करते हुए झाँकियों निकाली गई।
मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री द्वारा परेड को संबोधित करते हुए बेहतरीन मार्च पास्ट करने पर परेड को ₹1 लाख की सम्मान राशि से नवाजा गया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने सभी को (77) सतत्तरवें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करने का दिन है। आज ही के दिन संविधान को लागू किया गया था। यह दिन सभी भारतवासियों को स्वतंत्रता, समानता, और भाईचारे के संवैधानिक मूल्यों की याद दिलाता है। भारतीय गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय गौरव, एकता और उत्सव का दिन है। हमारा यह विशिष्ट संविधान हमारे राष्ट्र का निरंतर मार्ग दर्शन करता आ रहा है। यह अवसर हमें अपने सपनों को साकार करने और लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध होने का संकल्प लेने की भी प्रेरणा देता है। संविधान के अंतर्गत हम सभी की यह भी जिम्मेदारी है कि हम न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।
इस बार गणतंत्र दिवस का जश्न पिछले वर्षों से काफी अलग और खास है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह की थीम “वंदेमातम” पर रखी गई है। इस बार देशभर में हो रहे गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित है। इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह हमें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का गौरव प्रदान कर रहा है।
देशवासियों के लिए गर्व का विषय है कि भारत ने लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली रॉकेट लॉन्चर प्रणाली “सूर्यास्त्र” को विकसित करने के साथ-साथ स्वदेशी निर्मित 105 MM लाइट फील्ड गन जिसने कर्तव्य पथ पर 21 तोपों की सलामी दी यह भारत की सैन्य ताकत की बड़ी मिसाल है। भारतीय गणतंत्र को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार राज्य की प्रगति एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा विकास के हर क्षेत्र में निरन्तर कार्य कर रही है।
पर्यटन के क्षेत्र में सरकार ग्रीष्म कालीन पर्यटन के साथ-साथ अब शीतकालीन पर्यटन को भी बढ़ावा देने की दिशा में नए-नए डेस्टिनेशनों का विस्तार कर रही है। शीतकालीन चारधाम यात्रा के अंतर्गत चारधाम से जुड़े पौराणिक शीतकालीन प्रवासों जैसे-जोशीमठ, ऊखीमठ, पांडुकेश्वर आदि को सुव्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है जिससे श्रद्धालुओं को वर्ष भर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सकेंगे। आदि कैलाश यात्रा को सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भारत की धरती लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के दर्शन हो सके इसके लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
आज होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और कई टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमने चारधाम के साथ-साथ राज्य में अनेक पर्यटन सर्किटों का निर्माण किया है। जिनमें वैष्णों सर्किट, शैव सर्किट, दैवी सर्किट, विवेकानन्द सर्किट, नरसिंह सर्किट, नवगृह सर्किट, गोल्जू सर्किट, महासू देवता सर्किट, गुरुद्वारा सर्किट, हनुमान सर्किट आदि शामिल है।
राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार एवं प्रशासन के साथ ही प्रत्येक उत्तराखण्डवासी का योगदान अपेक्षित है। इस महान उद्देश्य की प्राप्ति जनसहयोग से ही सम्भव है। मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि सभी के सहयोग एवं विकल्प रहित संकल्प से हम जल्द ही इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्बारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित झांकी में उरेडा विभाग की झांकी प्रथम स्थान पर रही तथा द्वितीय स्थान पर मत्स्य विभाग व तृतीय स्थान पर खेल विभाग की झांकी रही। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में विभिन्न विभागों में कार्यरत उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्बारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जिसमें 84 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं।
तदोपरांत शुरू हुए रंगारंग कार्यक्रम के दौरान पीएमएस हरिद्वार व अन्य स्थानीय स्कूली बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन किया गया। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत गीतों पर नन्हे बच्चों द्वारा किया गया नाट्य मंचन विशेष रुप से मनोहारी रहा। उक्त प्रदर्शन देख जनता के साथ-साथ मुख्य अतिथि व अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा न सिर्फ तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बच्चों का उत्साहवर्धन किया बल्कि मुख्य अतिथि ने शानदार प्रस्तुति कर रहे बच्चों को अपने पास बुला कर मौके पर हौसला अफजाई भी की। विभिन्न स्कूलों के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पी आर चौहान वित्त एवं राजस्व दीपेन्द्र सिंह नेगी सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नरेश चौधरी एवं पूनम सिंह ने किया।






















