- जनपद में जलभराव से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम के उचित कार्य योजना बनाने के दिए निर्देश
- हिल बाईपास मनसा देवी पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन के लिए उचित प्रबन्धन के दिए निर्देश
- आपदा की दृष्टिगत आमजन मानस को अलर्ट करने के लिए सभी नागरिकों से मोबाइल फोन पर सचेत ऐप डाउनलोड करने के लिए किया जाए जागरूक
- बाढ़ की स्थिति में आपदा मित्रों एवं गंगा प्रहरियों के साथ गंगा तट पर रहने वाले लोगों को दिया प्रशिक्षण
हरिद्वार : भारत सरकार के सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) मनीष भारद्वाज ने जनपद हरिद्वार में आपदा प्रबंधन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के लिए जिला आपदा प्रबंधन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगर निगम सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव भारद्वाज ने कहा कि हरिद्वार जनपद आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां कुंभ, कांवड़ मेला एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान वर्षभर करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों एवं बाहरी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को आधुनिक तकनीकों एवं बेहतर समन्वय के साथ सशक्त बनाना आवश्यक है।
उन्होंने जनपद में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु दीर्घकालिक एवं प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है, ताकि जनजीवन प्रभावित न हो। इसके साथ ही हिल बाईपास स्थित मनसा देवी पहाड़ी क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के लिए उचित पर पर प्रबंधन करते हुए वहां स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान अपनाने के निर्देश दिए।
सचिव आपदा ने आपदा की स्थिति में समय पर सूचना प्रसारण की महत्ता पर बल देते हुए “सचेत ऐप” के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को इस ऐप को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करने के लिए जागरूक किया जाए, जिससे किसी भी आपदा या बाढ़ की स्थिति में त्वरित अलर्ट जारी किया जा सके।
बैठक में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों, गंगा प्रहरियों एवं गंगा तट पर रहने वाले लोगों को आपदा से निपटने हेतु प्रशिक्षण दिया जाए। सचिव ने निर्देशित किया कि इस प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाया जाए, जिससे आपदा के समय त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सचिव आपदा प्रबन्धन को जनपद में चल रहे आपदा प्रबंधन कार्यों, संसाधनों की उपलब्धता एवं भविष्य की कार्ययोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा आश्वस्त किया कि जनपद में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे है तथा किसी भी आपदा से निपटने के लिए सभी को समय समय पर आवश्यक दिशा निर्देश एवं मॉकड्रिल भी किया जा रहा है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,अधिशासी अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता,उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
