ज्योतिर्मठ। आपदा प्रभावित ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्यों के विरुद्ध प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन कर प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्माण कार्य किए जाने पर प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नगर के आपदा संवेदनशील क्षेत्रों में चोरी-छिपे निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर प्रशासनिक टीम ने गांधीनगर वार्ड, रवि ग्राम, सिंहधार तथा अपर बाजार स्थित गांधी मैदान के समीप निर्माणाधीन भवनों पर छापेमारी की और सभी को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।
इसके अतिरिक्त मनोहरबाग वार्ड में भी एक गंभीर मामला सामने आया, जहाँ एक भवन स्वामी द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से मकान का निर्माण कराया जा रहा था। स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया।
उप जिलाधिकारी (एसडीएम) चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित होने के कारण ज्योतिर्मठ नगर में सभी प्रकार के नए निर्माण कार्यों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति निर्माण कार्य करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी संबंधित भवन स्वामियों को सख्त नोटिस जारी करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट है कि ज्योतिर्मठ में नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
