देहरादून : भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डॉ. नरेश बंसल ने विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता व देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कल 14 अप्रैल, बैसाखी और भारत रत्न, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रस्तावित देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर हर्ष जताया है।डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय मोदी जी का उत्तराखंड प्रेम सर्वविदित है व उत्तराखंड के सर्वागीण विकास को भाजपा सरकार संकल्पित है।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि इसी क्रम मे कल 14 अप्रेल का दिन ऐतिहासिक होगा जब आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 12000करोड़ की लागत से निर्मित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जो देहरादून समेत संपूर्ण उत्तराखंड राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।
भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन एवं सड़क व परिवहन मंत्री श्री नितीन गडकरी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के हर कोने में उच्च गुणवत्ता युक्त सड़कों का सुदृढ़ नेटवर्क विकसित हुआ है,जगह-जगह इकनोमिक कोरिडोर बनने से भारत की आधारभूत संरचना को अभूतपूर्व मजबूती मिली है व व्यापार को नई दिशा मिली है।देश का लोजिस्टिक सुधरा है।
डॉ. नरेश बंसल ने कही कि आल वेदर रोड,पीएम जेएसवाई के तहत गांव -गांव कनेक्टेविटी के बाद अब दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का जनता को समर्पित इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है।देहरादून-पांवटा ऐक्सप्रेसवे भी लगभग बनकर तैयार है।डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह उनके नोडल जिले देहरादून के साथ ही पूरे उत्तराखंड के विकास को मजबूती देगा।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कल वहां स्थित मां डाट काली के मंदिर के दर्शन भी करेगे यह जो देहरादून के लिए अहम बात है। डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि उन्होने ही पत्र लिखकर सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचआई के अधिकारीयो से आग्रह किया था कि मां डाट काली मंदिर के लिए अलग कट या ओवर ब्रिज दिया जाए जिसे सहर्ष स्वीकार किया गया।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी एवं समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, दिल्ली से देहरादून का सफर लगभग आधा हो जाएगा व आवागमन सुगम एवं सुरक्षित होगा। डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का हर नागरिक प्रधानमंत्री जी के आगमन को लेकर खासा उत्साहित है तथा उनके स्वागत एवं अभिनंदन के लिए बेहद आतुर भी व सभी से निवेदन किया कि अधिक से अधिक संख्या मे आदरणीय प्रधानमंत्री जी को सुनने पहुंचे।
