गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भू-धंसाव प्रभावित जोशीमठ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय जायजा लेते हुए कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया है। उन्होंने चारधाम यात्रा से पूर्व सड़कों को सुरक्षित तथा सीवर ड्रेनेज कार्यों को व्यवस्थित करने पर बल दिया है। डीएम गौरव कुमार ने जोशीमठ में भू-धंसाव के चलते पुनर्निर्माण एवं सुरक्षा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने अलकनंदा नदी के तट पर मारवाडी पुल से विष्णुप्रयाग पुल तक निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार तथा मारवाडी क्षेत्र में चल रहे स्लाइड स्थिरीकरण कार्यों का जायजा लेते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने तथा नियमित मनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 100 करोड रुपये की लागत से निर्मित की जा रही 23 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार को जोशीमठ की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए डीएम ने निर्माणदायी संस्था को निर्देश दिए कि कार्य को तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना होगा। कहा कि इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जीरोबैंड क्षेत्र में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर उभर आई दरारों का भी निरीक्षण करते हुए उन्होंने आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए बीआरओ एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सडक को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करना होगा ताकि यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन कंसलटेंट को दैनिक एवं साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीएम गौरव कुमार ने जोशीमठ के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि जनवरी माह के भीतर ही क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित सीवर एवं ड्रेनेज कार्यों के प्रारंभ होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही, दूसरे चरण में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से भूमि स्थिरीकरण कार्यों को भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की भू-धंसाव घटना के बाद केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नगर को सुरक्षित एवं स्थायी बनाने के लिए योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
इस दौरान सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनोज असवाल, कनिष्ठ अभियंता अमित लिंगवाल, संजय पुरोहित, राज्य आपदा प्रबंधन कंसलटेंट विवेक तिवारी, आशीष कौशिक समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
