देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने से 132 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। वहीं कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से वे चेतावनी रेखा के करीब पहुंच गई हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लगातार बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में आवाजाही सबसे अधिक प्रभावित हुई है। कई संपर्क मार्ग मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं, जबकि लोक निर्माण विभाग और बीआरओ की टीमें सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की अपील की है।
राज्य की प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं।
हाईवे की स्थिति
बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश के कई राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई पर्वतीय मार्गों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। सड़कें खोलने के लिए मशीनें लगातार कार्य कर रही हैं, हालांकि खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के किनारे और संवेदनशील मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रशासन ने पर्यटकों, चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
