- तीन हेलिकॉप्टर लगाए गए, अब तक 21 पर्वतारोही सुरक्षित निकाले गए.
- बागेश्वर में 43 ट्रेकर्स सुरक्षित स्थान पर रोके गए.
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम के बीच विभिन्न ट्रैकिंग और पर्वतारोहण अभियानों पर निकले लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। उत्तरकाशी जिले में अलग-अलग स्थानों पर फंसे 136 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए तीन हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। सोमवार सुबह छह बजे से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अब तक 21 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं, बागेश्वर जिले में भी खराब मौसम को देखते हुए तीन अलग-अलग दलों के 43 पर्वतारोहियों को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया गया है।
मुख्य सचिव ने आपातकालीन केंद्र पहुंचकर लिया जायजा
रविवार देर शाम मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और पर्वतीय क्षेत्रों में फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पर्वतारोहियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाए।
साथ ही मौसम की स्थिति और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 पर्वतारोही अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। वहीं बागेश्वर में तीन दलों के 43 पर्वतारोहियों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रोका गया है।
सैटेलाइट से लगातार संपर्क
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार सभी पर्वतारोही सुरक्षित हैं और उनसे सैटेलाइट के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। खराब मौसम के कारण रेस्क्यू अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास जारी हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार विभिन्न दल कालिंदी ट्रैक पास, उड़न कॉल पास, माउंट सुदर्शन, भागीरथी-2, जोगिन-1, शिवलिंग-1 और 2, सतोपंथ तथा श्रीकंठ चोटियों के आरोहण के लिए रवाना हुए थे। सितंबर में अलग-अलग समय पर निकले इन दलों के करीब 136 पर्वतारोही मौसम खराब होने के बाद विभिन्न स्थानों पर फंसे हैं।
रेस्क्यू के बाद तत्काल होगी मेडिकल स्क्रीनिंग
मुख्य सचिव ने रेस्क्यू किए जाने वाले सभी पर्वतारोहियों की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने को कहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अस्वस्थ पर्वतारोही को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन का फोकस फिलहाल सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने और मौसम की स्थिति के बीच रेस्क्यू अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर है।
