योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर विशेषज्ञों ने खोले ज्ञान के नए आयाम, भारतीय चिकित्सा परिषद की कार्यशाला में विद्यार्थियों को कराया आसन, प्राणायाम व ध्यान का अभ्यास

by doonstarnews
  • योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर कार्यशाला, विद्यार्थियों को कराया प्रयोगात्मक अभ्यास
  • भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के तत्वावधान में भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग में आयोजन, डॉ. जेएन नौटियाल ने योग को दैनिक जीवन में अपनाने का दिया संदेश

हरिद्वार। भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के तत्वावधान में भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग, बेडपुर, हरिद्वार में ‘योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा’ विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें हरिद्वार जिले के भारतीय चिकित्सा परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थानों में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायक पाठ्यक्रम का अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित सैद्धांतिक जानकारी के साथ आसन, प्राणायाम और ध्यान का प्रयोगात्मक अभ्यास भी कराया।

धन्वंतरि पूजन और दीप प्रज्वलन से शुभारंभ

कार्यशाला का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जेएन नौटियाल और विशिष्ट अतिथि बोर्ड सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह राणा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में परिषद से मान्यता प्राप्त हरिद्वार जिले के विभिन्न संस्थानों के निदेशक, प्रधानाचार्य एवं प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया।

योग को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड की रजिस्ट्रार नर्वदा गुसाई ने की। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य के साथ परिषद की ओर से योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, संचालित पाठ्यक्रमों तथा शासन स्तर पर भेजे गए प्रस्तावों की जानकारी दी।

अध्यक्ष डॉ. जेएन नौटियाल ने छात्र-छात्राओं को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रयोगात्मक पक्ष पर ध्यान देने तथा योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय की व्यावहारिक समझ विकसित करने पर जोर दिया।

संवाद कौशल और व्यक्तित्व विकास पर जोर

विशिष्ट अतिथि डॉ. महेंद्र सिंह राणा ने विद्यार्थियों को संवाद एवं संभाषण कौशल की जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपने व्यक्तित्व में सकारात्मकता लाने तथा प्रभावी संवाद के लिए निरंतर अभ्यास करने का सुझाव दिया।

विशेषज्ञों ने कराया आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास

कार्यशाला में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. विनोद नौटियाल, संपर्क अधिकारी, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर; डॉ. रजनी नौटियाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर तथा डॉ. रविकांत शर्मा, विभागाध्यक्ष, स्पर्श हिमालयीय विश्वविद्यालय, डोईवाला, देहरादून ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए और आसन, प्राणायाम, ध्यान सहित विभिन्न प्रयोगात्मक गतिविधियां कराईं। प्राकृतिक चिकित्सा के अंतर्गत विभिन्न थेरेपी और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई।

तीन दिवसीय कार्यशालाएं आयोजित करने की तैयारी

अध्यक्ष डॉ. जेएन नौटियाल और रजिस्ट्रार नर्वदा गुसाई ने बताया कि भविष्य में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड की ओर से तीन दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा। इनमें योग, प्राकृतिक चिकित्सा और पंचकर्म आदि विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान के साथ प्रयोगात्मक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।

विद्यार्थियों को दिए प्रमाण पत्र

कार्यक्रम के अंत में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष और रजिस्ट्रार ने भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन डॉ. पुष्कल नागयान तथा प्रधानाचार्य डॉ. कविता सैनी को कार्यशाला के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक शैक्षणिक एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को परिषद की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड से प्रदीप सती, संदीप तोपवाल, राहुल सिंह बिष्ट, मनीष जगवान और मयूर यादव तथा भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग से लवप्रीत सिंह, शेखर सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

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